इन 8 तरीकों से बढ़ाइए अपने स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ
स्मार्टफोन्स में लगातार कई फीचर जुड़ रहे हैं, मगर बैटरी को लेकर यूजर्स की शिकायत बनी हुई है।
बैटरी कितने भी mAh की
क्यों न हो, हेवी यूज के बाद वह
मुश्किल से पूरा दिन निकाल पाती है।
'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने 'वायरकटर' के साथ मिलकर कुछ टेस्ट किए और पता लगाया कि बैटरी किस वजह से ज्यादा खर्च होती है और इसे कैसे रोका जा सकता है। इस टेस्ट के नतीजों के आधार पर जानिए 8 टिप्स, जिन्हें आजमाकर आप बैटरी बढ़ा सकते हैं...
'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने 'वायरकटर' के साथ मिलकर कुछ टेस्ट किए और पता लगाया कि बैटरी किस वजह से ज्यादा खर्च होती है और इसे कैसे रोका जा सकता है। इस टेस्ट के नतीजों के आधार पर जानिए 8 टिप्स, जिन्हें आजमाकर आप बैटरी बढ़ा सकते हैं...
1. स्क्रीन पर ऑटो
ब्राइटनेस इस्तेमाल करें
स्मार्टफोन की स्क्रीन अन्य किसी भी हिस्से के मुकाबले सबसे ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करती है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि यह कम एनर्जी यूज करे, इसके लिए ब्राइटनेस कम कर दीजिए। एक घंटे तक टेस्ट के दौरान देखा गया कि आईफोन 6S ने मैक्सिमम ब्राइटनेस के मुकाबले मिनिमम ब्राइटनेस में 54 फीसदी कम बैटरी खत्म की।
कई बार ज्यादा लाइट या फिर धूप वगैरह में कम ब्राइटनेस रखने से स्क्रीन में कुछ दिखता ही नहीं। इसलिए ऑटो-ब्राइटनेस मोड ऑन रखना चाहिए, जो आसपास की लाइट के हिसाब से स्क्रीन की ब्राइटनेस तय करता है।
स्मार्टफोन की स्क्रीन अन्य किसी भी हिस्से के मुकाबले सबसे ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करती है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि यह कम एनर्जी यूज करे, इसके लिए ब्राइटनेस कम कर दीजिए। एक घंटे तक टेस्ट के दौरान देखा गया कि आईफोन 6S ने मैक्सिमम ब्राइटनेस के मुकाबले मिनिमम ब्राइटनेस में 54 फीसदी कम बैटरी खत्म की।
कई बार ज्यादा लाइट या फिर धूप वगैरह में कम ब्राइटनेस रखने से स्क्रीन में कुछ दिखता ही नहीं। इसलिए ऑटो-ब्राइटनेस मोड ऑन रखना चाहिए, जो आसपास की लाइट के हिसाब से स्क्रीन की ब्राइटनेस तय करता है।
2. पावर ज्यादा
इस्तेमाल करने वाले ऐड ब्लॉक करें
जब आप स्मार्टफोन पर वेब ब्राउज़िंग करते हैं, तब साइट्स पर मौजूद ऐड डाउनलोड करने में ज्यादा एनर्जी खर्च होती है। इसके लिए आप ऐड ब्लॉकर इंस्टॉल कर सकते हैं। इससे बैटरी लाइफ बढ़ जाएगी।
जब आप स्मार्टफोन पर वेब ब्राउज़िंग करते हैं, तब साइट्स पर मौजूद ऐड डाउनलोड करने में ज्यादा एनर्जी खर्च होती है। इसके लिए आप ऐड ब्लॉकर इंस्टॉल कर सकते हैं। इससे बैटरी लाइफ बढ़ जाएगी।
3. ईमेल सेटिंग्स पर
ध्यान दें
ईमेल भी बैटरी पर ज्यादा असर डालती है। अगर आप एकसाथ बहुत सारे ईमेल अकाउंट यूज करते हैं या बहुत से ईमेल रिसीव करते हैं तो ज्यादा डेटा इस्तेमाल होता है। पुश नाम की टेक्नॉलजी के जरिए आपको तुरंत ताजा ईमेल्स का नोटिफिकेशन मिलता है।
पुश की वजह से ज्यादा बैटरी इस्तेमाल होती है, क्योंकि यह हमेशा नए मेसेज का इंतजार करता रहता है। इसलिए अगर आपको बहुत ईमेल आते हैं तो आपकी बैटरी भी ज्यादा इस्तेमाल होती होगी।
ईमेल भी बैटरी पर ज्यादा असर डालती है। अगर आप एकसाथ बहुत सारे ईमेल अकाउंट यूज करते हैं या बहुत से ईमेल रिसीव करते हैं तो ज्यादा डेटा इस्तेमाल होता है। पुश नाम की टेक्नॉलजी के जरिए आपको तुरंत ताजा ईमेल्स का नोटिफिकेशन मिलता है।
पुश की वजह से ज्यादा बैटरी इस्तेमाल होती है, क्योंकि यह हमेशा नए मेसेज का इंतजार करता रहता है। इसलिए अगर आपको बहुत ईमेल आते हैं तो आपकी बैटरी भी ज्यादा इस्तेमाल होती होगी।
4. स्ट्रीमिंग के बजाय डाउनलोड किया
म्यूजिक प्ले करें
आजकल गाने सुनने के लिए ऑनलाइन म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप इस्तेमाल करने का चलन बढ़ रहा है। ये सुविधाजनक तो हैं, मगर बैटरी भी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। वायरकटर के टेस्ट में वाई-फाई पर 2 घंटों तक म्यूजिक स्ट्रीमिंग करने पर 10 प्रतिशत बैटरी इस्तेमाल हुई। मोबाइल पर डाउनलोड किया गया यही म्यूजिक 2 घंटों तक प्ले करने पर सिर्फ 5 फीसदी बैटरी खर्च हुई। अच्छी बात यह है कि कुछ ऐप आपको गाने डाउनलोड करके ऑफलाइन प्ले करने की भी सुविधा देते हैं।
आजकल गाने सुनने के लिए ऑनलाइन म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप इस्तेमाल करने का चलन बढ़ रहा है। ये सुविधाजनक तो हैं, मगर बैटरी भी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। वायरकटर के टेस्ट में वाई-फाई पर 2 घंटों तक म्यूजिक स्ट्रीमिंग करने पर 10 प्रतिशत बैटरी इस्तेमाल हुई। मोबाइल पर डाउनलोड किया गया यही म्यूजिक 2 घंटों तक प्ले करने पर सिर्फ 5 फीसदी बैटरी खर्च हुई। अच्छी बात यह है कि कुछ ऐप आपको गाने डाउनलोड करके ऑफलाइन प्ले करने की भी सुविधा देते हैं।
5. वाई-फाई सिग्नल
कमजोर हो तो ऑफ कर दें
आपने देखा होगा कि जिस जगह पर वाई-फाई या मोबाइल नेटवर्क कमजोर होता है, वहां पर बैटरी जल्दी खत्म होती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ज्यादा एनर्जी सिग्नल ढूंढने में खर्च हो जाती है। बेहतर कनेक्शन ढूंढने की कोशिश करें। अगर वाई-फाई कमजोर है तो मोबाइल डेटा यूज़ करें।
आपने देखा होगा कि जिस जगह पर वाई-फाई या मोबाइल नेटवर्क कमजोर होता है, वहां पर बैटरी जल्दी खत्म होती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ज्यादा एनर्जी सिग्नल ढूंढने में खर्च हो जाती है। बेहतर कनेक्शन ढूंढने की कोशिश करें। अगर वाई-फाई कमजोर है तो मोबाइल डेटा यूज़ करें।
6. चेक करें,
बैटरी कहां खर्च हो रही है
आईफोन और ऐंड्रॉयड सिस्टम में आप चेक कर सकते हैं कि कौन से ऐप ज्यादा बैटरी इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर कोई बेकार का ऐप ऐसा कर रहा हो तो उसे तुरंत हटा दें। सेटिंग्स में जाकर आप बैटरी मेन्यु में जाकर देख सकते हैं कि कौन सा ऐप कितनी बैटरी खर्च कर रहा है।
आईफोन और ऐंड्रॉयड सिस्टम में आप चेक कर सकते हैं कि कौन से ऐप ज्यादा बैटरी इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर कोई बेकार का ऐप ऐसा कर रहा हो तो उसे तुरंत हटा दें। सेटिंग्स में जाकर आप बैटरी मेन्यु में जाकर देख सकते हैं कि कौन सा ऐप कितनी बैटरी खर्च कर रहा है।
7. लोकेशन ट्रैकिंग
ऑफ रखें
बहुत सारे ऐप्स आपसे लोकेशन की जानकारी मांगते रहते हैं। जीपीएस की मदद से वे पता लगाते हैं कि आप कहां हैं। इसमें भी बैटरी खर्च होती है। जरूरत न होने पर आप जीपीएस ऑफ कर सकते हैं। इसके अलावा किसी खास ऐप की सेटिंग्स में जाकर उसका जीपीएस ऐक्सेस रोक सकते हैं।
आईफोन में आपको प्रिवेसी मेन्यु में जाकर लोकेशन सर्विसेज़ में जाना होगा। ऐंड्रॉयड में सेटिंग्स में जाकर ऐप्स में जाइए और वहां परमिशंस के अंदर जाकर लोकेशन परमिशन को डिसेबल कर दीजिए।
बहुत सारे ऐप्स आपसे लोकेशन की जानकारी मांगते रहते हैं। जीपीएस की मदद से वे पता लगाते हैं कि आप कहां हैं। इसमें भी बैटरी खर्च होती है। जरूरत न होने पर आप जीपीएस ऑफ कर सकते हैं। इसके अलावा किसी खास ऐप की सेटिंग्स में जाकर उसका जीपीएस ऐक्सेस रोक सकते हैं।
आईफोन में आपको प्रिवेसी मेन्यु में जाकर लोकेशन सर्विसेज़ में जाना होगा। ऐंड्रॉयड में सेटिंग्स में जाकर ऐप्स में जाइए और वहां परमिशंस के अंदर जाकर लोकेशन परमिशन को डिसेबल कर दीजिए।
8. बेमतलब के पुश
नोटिफिकेशन बंद करें
ऐपल और गूगल खुद सलाह देते है कि पुश नोटिफिकेशन बंद रखने चाहिए, क्योंकि बैटरी बचाने में ये मददगार साबित होते हैं। हर नोटिफिकेशन की वजह से आपका फोन कुछ सेकंड तक वेक अप मोड में रहता है और सक्रीन भी ऑन रहती है।
आईफोन में सेटिंग्स में जाकर नोटिफिकेशंस पर टैप करें और ऐप नेम में जाकर Allow Notifications को डिसेबल कर दें। ऐंड्रॉयड में ऐप के सेटिंग्स में मेन्यु में जाकर इसे डिसेबल करें या नोटिफिकेशन को टैप करके होल्ड करें। आप सीधे सेटिंग्स में चले जाएंगे, जहां से इसे डिसेबल कर सकते हैं।
ऐपल और गूगल खुद सलाह देते है कि पुश नोटिफिकेशन बंद रखने चाहिए, क्योंकि बैटरी बचाने में ये मददगार साबित होते हैं। हर नोटिफिकेशन की वजह से आपका फोन कुछ सेकंड तक वेक अप मोड में रहता है और सक्रीन भी ऑन रहती है।
आईफोन में सेटिंग्स में जाकर नोटिफिकेशंस पर टैप करें और ऐप नेम में जाकर Allow Notifications को डिसेबल कर दें। ऐंड्रॉयड में ऐप के सेटिंग्स में मेन्यु में जाकर इसे डिसेबल करें या नोटिफिकेशन को टैप करके होल्ड करें। आप सीधे सेटिंग्स में चले जाएंगे, जहां से इसे डिसेबल कर सकते हैं।